डेरा सच्चा सौदा का कमाल , पंजाब की राजनीति में आया भूचाल

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डेरा सच्चा सौदा का कमाल , पंजाब की राजनीति में आया भूचाल 


1449166245952-300x300 (1)हजूर महाराज डाक्टर संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसां की अगुआई वाले डेरा सच्चा सौदा ने 4 फरवरी को होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन को समर्थन देने का एलान कर दिया है जिस से पंजाब के चुनावी मुकाबले काफी दिलचस्प हो गए हैं और कई मृतप्राय उम्मीदवारों में नए प्राणों का संचार हो गया है l जिन अकाली उम्मीदवारों केचेहरों पर मुर्दनी छाई थी उनके चेहरों पर लाली और ख़ुशी दोबारा लौट आई है l

डेरा सच्चा सौदा द्वारा 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में अकाली भाजपा सरकार को समर्थन दिए जाने का स्वागत करते हुए इंटरनैशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनिजेशन फॉर पुलिस पब्लिक प्रेस के इंटरनैशनल चेयरमैन परवीन कोमल ने विशेष रूप में बुलाई गई मीटिंग में कहा है कि डेरा सच्चा सौदा द्वारा उठाया गया ये कदम पंजाब और पंजाबियत की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है और इस से हिंदुस्तान की एकता और अखण्डता को और भी बल मिलेगा । कोमल ने कहा कि पंजाब एक सरहदी राज्य होने के कारण हमेशा पकिस्तान की आई एस आई और पकिस्तान के आतंकवादियों का निशाना बनता आया है और अगर कोई कमजोर सरकार या केंद्र से मतभेदों वाली सरकार पंजाब में सत्ता में आती है तो पंजाब फिर से अस्थिरता और आतंक की चपेट में आ सकता है । डेरा सच्चा सौदा ने दूरदर्शिता से काम लेते हुए पंजाब के अमन पसंद लोगों के हित के लिए ये सराहनीय कदम उठाया है जिसका लाभ पंजाब के वोटरों को उठाना चाहिए। इस मीटिंग में पंजाब अध्यक्ष मनप्रीत हुंदल और अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे
डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फ़ोर्स के सेवादार और  15 मेम्बरी कमेटी के प्रबन्धक , भंगी दास सरबजीत हैपी इन्सान के मुताबिक हजूर महाराज  ने अपने अनुयायियों पर ये छोड़ा था कि वो फैसला लें कि कौन-सी पार्टी या गठबंधन को समर्थन देना है. इसी के मुताबिक डेरा के अनुयायियों ने एसएडी-बीजेपी गठबंधन को समर्थन देने का फैसला किया है.
सभी जिलों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक हर जिले के डेरा अनुयायियों ने एक बैठक की. इस बैठक में एसएडी-बीजेपी गठबंधन के उम्मीदवार भी मौजूद रहे. बठिंडा में डेरा अनुयायियों ने बताया कि उनको डेरा के राजनीतक विंग की ओर से कहा गया है कि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन के उम्मीदवारों को ही वोट दें और वो ऐसा ही करने जा रहे हैं. डेरा के समर्थन के एलान से एसएडी-बीजेपी गठबंधन को बहुत लाभ होगा.
बता दें कि डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की मालवा क्षेत्र में बड़ी तादाद है. पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा में 69 सीटें मालवा क्षेत्र से ही आती हैं. हाल में एसएडी-बीजेपी गठबधन, कांग्रेस और AAP के कई नेताओं ने डेरा सच्चा सौदा के सिरसा स्थित मुख्यालय में जाकर इसके प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह से समर्थन मांगा था. अभी तक डेरा की ओर से यही कहा जा रहा था कि इस बार वो किसी भी दल या गठबंधन के समर्थन के लिए अपने अनुयायियों से नहीं कहेगा.
– हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान डेरा सच्चा सौदा ने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन दे दिया था। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली में बाबा के समर्थक माने जाते हैं।SAD-BJP
– बता दें कि डेरा सच्चा सौदा का एक राजनीतिक विंग है, जो तय करता है कि चुनाव में कहां और किसे समर्थन देना है।
गौरतलब है कि कि पंजाब में सच्चा सौदा के 80 लाख समर्थक है, जो चुनाव को प्रभावित करेंगे।
पंजाब की सीमा के साथ लगते सिरसा में डेरा सच्चा सौदा सीधे तौर पर सियासत में दखल रखता है। यह दखल पंजाब के 2007 के चुनावों से शुरू हुआ था। ऐसे में डेरे का समर्थन हासिल करने के लिए पंजाब के राजनेताओं का सिरसा में आने का सिलसिला तेज हो गया है।

शुक्रवार को पंजाब के करीब 45 राजनेता डेरा प्रमुख से मिलने सिरसा पहुंचे थे । इनमें कांग्रेस के करीब 21, अकाली दल के करीब 18 व भाजपा के 2 प्रत्याशियों सहित 2 आजाद उम्मीदवारों ने हजूर महाराज से मुलाकात की थी । खास बात यह है कि अक्सर डेरावाद की राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाली आम आदमी पार्टी के 2 उम्मीदवार गुरुहर सहाय विधानसभा क्षेत्र से मलकीत सिंह व फिरोजपुर से नरेंद्र संधा भी डेरा में पहुंचे थे । कुल मिलाकर डेरा प्रमुख से 55 से अधिक उम्मीदवार मुलाकात कर चुके हैं ।

दरअसल डेरावाद से घिरी रहने वाली पंजाब की सियासत में डेरा सच्चा सौदा की अहम भूमिका है । चुनाव कोई भी हो सिरसा के डेरा सच्चा सौदा में पंजाब के राजनेताओं का जमघट लगा रहता है। शुक्रवार को मुख्य रूप से डेरा से मुलाकात करने के लिए पंजाब के 45 नेता सिरसा पहुंचे। दोपहर करीब 2 बजे इन्होंने डेरा के सच्चखंड हाल में प्रवेश किया। सबसे पहले अकाली दल के विधायक अंदर पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस एवं दूसरे दलों के उम्मीदवार। करीब डेढ़ घंटे बाद सभी उम्मीदवार बाहर आ गए।
इन्होंने की थी डेरा प्रमुख से मुलाकात
कांग्रेस
लहरागागा से प्रत्याशी राजेंद्र कौर भट्ठल , गिद्दड़बाहा से राजा वडिंग , सरदूलगढ़ से अजीत इंद्र सिंह मोफर, संगरूर से विजयइंद्र सिंगला, बरनाला से केवल ढिल्लों, अमलोह से रणदीप सिंह, मलोट से अजायब सिंह, बाघापुराना से दर्शन सिंह, फरीदकोट से कुशलदीप ढिल्लों, धर्मसोत से साधु सिंह, मुक्तसर से किरपा कौर बराड़, तलवंडी साबो से खुशबाज जटाना, सन्नौर से मदनलाल आज डेरा में समर्थन के लिए पहुंचे।

शिअद-भाजपागठबंधन
फाजिल्का से प्रत्याशी सुरजीत ज्याणी, रामपुराफूल से सिकंदर सिंह मलूका, मौड़ मंडी से जनमेजा सिंह सेखों, गिद्दड़बाहा से डिम्पी ढिल्लों, सरदूलगढ़ से दिलराज सिंह भूंदड़, तलवंडी साबो से जीत महेंद्र सिंह, भुच्चो से हरप्रीत सिंह, लुधियाना पश्चिम से कमल चेतली  भी डेरा में पहुंचे।

डेरा के दूसरे गद्दीनशीन संत शाह सतनाम के जन्म दिवस पर होने वाले सत्संग में शिरकत करने के लिए गुरुवार रात्रि हरियाणा के कैबिनेट मंत्री और पंजाब में भाजपा के सह-प्रभारी कैप्टन अभिमन्यु, हरियाणा विधानसभा के स्पीकर कंवर पाल सिंह गुर्जर व परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार भी पहुंचे। इसके अलावा पंजाब के वित्त मंत्री परमिंद्र सिंह ढींडसा एवं कैबिनेट  मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा भी सत्संग में पहुंचे और समर्थन को लेकर डेरा प्रमुख से आशीर्वाद लिया। ढींडसा लहरागागा से जबकि रखड़ा समाना से चुनाव लड़ रहे हैं ।

डेरा सच्चा सौदा का मालवा बैल्ट में अधिक असर माना जाता है। 1998 के चुनाव में डेरा सच्चा सौदा ने अकाली दल को समर्थन दिया था लेकिन पंजाब में प्रेमियों पर हुए अत्याचार के कारण 2007 के चुनाव में यहां से डेरा ने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस को समर्थन किया। तब कांग्रेस को यहां पर 69 में से 37 सीटों पर जीत मिलीं। 2012 में किसी को सीधे तौर पर समर्थन नहीं किया तो कांग्रेस की 4 सीटें कम आईं। शिअद ने 33 सीटों पर जीत हासिल की। मालवा बैल्ट में पंजाब के 12 जिले हैं। इस बैल्ट में श्री मुक्तसर साहिब, फरीदकोट, मोगा, भटिंडा, लुधियाना, संगरूर, बरनाला, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, रूपनगर व मोहाली जिले शामिल हैं । कुल मिला कर डेरा सच्चा सौदा के गद्दी नशीं डाक्टर संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सान का आशीर्वाद अब की डूबती किश्तियों का सहारा बनेगा . डेरा के इस सर्जिकल स्ट्राइक ने केजरीवाल और भगवंत मान सहित आम आदमी पार्टी के कई दिग्गज उम्मीदवारों की सिट्टी पिट्टीगुम कर दी है और दूसरी और 10 फरवरी को रिलीज होने जा रही डेरा मुखी की फिल्म ” हिन्द का नापाक को जबाव” ने पकिस्तान को सकते में डाल दिया है .